बेवा और मिस्कीन की मदद करने पर सवाबरसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया :“बेवा और मिस्कीनों की जरुरत पूरी करने वाला, अल्लाह के रास्ते के मुजाहिद की तरह या तो दिन में रोजा रखने वाले...
हज के दौरान गुनाहों से बचनारसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया :“जिस ने हज के दौरान बीवी से न जिमा किया और न ही किसी छोटे बड़े गुनाह का इर्तिक़ाब किया, तो उसके पिछले सारे गुनाह माफ़...
सफा और मरवाह की सई करनारसूलुल्लाह (ﷺ) (सफ़ा और मरवाह) की सई करते हुए सहाबा से फर्मा रहे थे के सई करो, क्योंकि अल्लाह तआला ने सई को तुम पर लाज़िम करार दिया है।[मुस्नदे...
इस्लाम की बुनियादरसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : इस्लाम की बुनियाद पांच चीज़ों पर है :(1) इस बात की गवाही देना के अल्लाह के अलावा कोई माबूद नहीं और मोहम्मद (ﷺ) अल्लाह के रसूल...
मीकात से एहराम बांध कर गुज़रनारसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया :"कोई शख्स बगैर एहराम बांधे हुए मीकात से न गुजरे।"[मुसनफ़े इब्रे अबी शैवा : 4/509]फायदा: खान-ए-काबा से कुछ फ़ास्लों...
एक अहेम अमल की फजीलत
सूर - ए - इख्लास तिहाई कुरआन के बराबर है रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : - " क्या तुम में से कोई यह नहीं कर सकता के एक रात में तिहाई कुरआन...
एक गुनाह के बारे में
फ़ितना व फ़साद करने की सजा कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : " जो लोग अल्लाह और उसके रसूल से लड़ते हैं , जमीन में फ़साद करने की कोशिश...
नबी की नसीहत
अपना तहबंद आधी पिडलियों तक ऊंचा रखा करो रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “ अपना तहबंद आधी पिडलियों तक ऊंचा रखा करो , अगर इतना ऊँचा ना रख सको तो...